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क्यों हुए निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद खफा

[Edited By: Vijay]

Wednesday, 21st July , 2021 01:52 pm

मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में बेटे प्रवीण को जगह न मिलने से नाराज निषाद पार्टी के अध्यक्ष डा० संजय निषाद के बोल बदल गये. यूपी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले उनका रुख अलग नजर आ रहा है. संजय निषाद का कहना है कि, बीजेपी से अब कोई भी नाराजगी नहीं है. उन्होंने कहा  कि, 2022 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर ही लड़ेंगे.  इसके अलावा उनका कहना है कि, मंत्रिमंडल में शामिल करने या ना करने का विशेषाधिकार पीएम या सीएम को होता है.

संजय निषाद ने कहा कि, बीजेपी से अलग होने की धमकी उन्होंने कभी नहीं दी . निषाद पार्टी के मुखिया ने कहा कि, बीजेपी ही ऐसी पार्टी है जो सत्ता में रहते हुए निषाद समुदाय को उसका हक दिला सकती है और उसकी समस्याओं को दूर कर सकती है.

यही नहीं उन्होंने कहा कि, दूसरी पार्टियों ने वोट लेने के बावजूद निषाद समुदाय के लिए कुछ नहीं किया. कुछ दिनों पहले तल्ख तेवर दिखाने वाले संजय निषाद ने कहा कि, बीजेपी नेताओं द्वारा किए गए वादे पर निषाद समुदाय को पूरा भरोसा है.

संजय निषाद ने बड़ा दावा करते हुये कहा कि, यूपी का निषाद उन्हें अपना नेता मानता है, उनकी निषाद पार्टी के साथ है. बीजेपी सत्ता में है, इसलिए उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के साथ ही रहेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि, यह समझ लेना चाहिए कि, यूपी में निषादों के नेता सिर्फ वही हैं.  हमारा मकसद मंत्री या उप मुख्यमंत्री बनना नहीं बल्कि अपने समाज को उसका अधिकार दिलाना है, इसलिए बीजेपी से नाराजगी का कोई सवाल ही नहीं उठता,संजय निषाद.

इसके अलावा उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा और कहा कि, वह सिर्फ निषाद वोटों का बंटवारा करना चाहते हैं. चार बार सत्ता में रहते हुए समाजवादी पार्टी ने निषादों के लिए कुछ भी नहीं किया. निषाद ने आरोप लगाया कि,  फूलन देवी के नाम का इस्तेमाल तो किया, लेकिन उनके समाज को कुछ नहीं दिया.

जब संजय निषाद से बिहार के मंत्री मुकेश साहनी की यूपी में एंट्री से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने पल्ला झाड़ लिया. उन्होंने कहा कि, पहले वह बिहार के निषादों को उनका अधिकार दिलाने दें फिर यूपी की फिक्र करें. वहीं, संजय निषाद ने दावा किया कि, मुकेश साहनी को बीजेपी ने यूपी नहीं भेजा है.

आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि, मनोहर कोरी की प्रतिमा का अनावरण सिर्फ दिखावा है. साथ ही उन्होंने कहा कि, निषाद समाज इस बार एकजुट है और एक होकर ही विधानसभा चुनाव में वोट करेगा. विधानसभा चुनाव में निषाद वोटों का बंटवारा नहीं होगा. निषाद समुदाय अब पहले से ज्यादा सजग व जागरूक हो गया है.

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