वक्फ संशोधन बिल 2024 बुधवार को लोकसभा में पास हो गया है। इसे आज राज्यसभा में रखा जाएगा। इस विधेयक पर पूरे दिन बहस हुई। कांग्रेस ने इस दौरान जमकर हंगामा किया। इस विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 सांसदों ने मतदान किया। आज वक्फ बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

राज्यसभा वक्फ संशोधन बिल पास होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर को उनपर लगाए आरोपों को साबित करने या पद से इस्तीफा देने की चुनौती दी। खड़गे ने कहा कि अनुराग ठाकुर के आरोपों से उनकी छवि को नुकसान हुआ है। अगर उनके आरोपों में सच्चाई है तो वह सबूत पेश करें, या फिर सांसद का पद छोड़ें। उन्होंने आगे कहा- अगर अनुराग ठाकुर उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य के वक्फ बोर्ड की 1 इंच भी जमीन पर कब्जे को साबित कर देते हैं, मैं अपने पद (राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष) से इस्तीफा दे दूंगा।
दरअसल, अनुराग ठाकुर ने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पर बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने खड़गे पर घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा- कर्नाटक में जो घोटाले हुए उसमें इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम भी आता है। जैसे ही अनुराग ठाकुर ने खड़गे का नाम लिया सदन में हंगामा शुरू हो गया। हालांकि, हंगामा बढ़ने पर अनुराग ठाकुर ने खड़गे का नाम वापस ले लिया। सदन के रिकॉर्ड से भी इस बयान को हटा दिया गया था।
बता दें बुधवार को लोकसभा में 12 घंटे की चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया। 288 ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। आज यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। चर्चा के दौरान AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ दिया। उन्होंने कहा- इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं। बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है।
कल किसने क्या कहा?
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “शिवसेना ने खुले मन से भूमिका ली हुई है…केंद्र सरकार जो वक्फ बोर्ड का बिल लाई है, इसमें समाज का हित है…हम बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं…वोटों के लालच में हम विचारधारा के साथ कोई भी समझौता नहीं करेंगे…
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर राजस्थान सरकार में मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा, “भारत के अंदर काफी लंबे समय से कुछ लोगों ने त्रुटियां जोड़ दी थी। उन त्रुटियों को ठीक करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। सेना और रेलवे के बाद तीसरी सबसे बड़ी संस्था जिसके पास जमीन है वो वक्फ बोर्ड हो गया था। अब उसके अंदर महिलाओं का प्रवेश करा रहे हैं। गैर मुस्लिम सदस्य बनेंगे। अब वक्फ को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि सब हिंदुस्तानियों के लिए मौजूद रहे।
वक्फ संशोधन विधेयक पर दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी प्रतिक्रिया दी, कहा- वक्फ बोर्ड का बिल ऐतिहासिक है। इससे गरीब मुस्लिम परिवारों तक लाभ पहुंचेगा, ये हमारे प्रधानमंत्री की सोच है। आखिरी कोने में बैठे व्यक्ति के लिए भी हमारे प्रधानमंत्री सोचते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “एक और गलतफहमी फैलाई जा रही है कि यह विधेयक पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होगा। जब आप इस सदन में बोलें तो ज़िम्मेदारी के साथ बोलें। विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विधेयक पारित होने पर सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के बाद कानून लागू होगा… कोई पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं है…” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आगे कहा, “आप (विपक्ष) इस देश को तोड़ने का काम कर रहे है, मैं इस सदन में देश के मुसलमानों से बोलना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा। इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद क्या करेगी? वक्फ की संपत्तियां बेचने वालों को पकड़कर बाहर निकालेगी…वक्फ की आय गिरती जा रही है, जिसके माध्यम से अल्पसंख्यकों के लिए विकास करना है और उन्हें आगे बढ़ाना है,
वक्फ संशोधन विधेयक पर दिल्ली की मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा, “मुझे लगता है कि अखिलेश यादव के पास तर्क नहीं थे और कहीं न कहीं वह भी चाहते हैं कि यह विधेयक पारित हो जाए। उनकी पार्टी शुरू से ही अल्पसंख्यक वोट के बल पर टिकी रही है और अब जब उनकी पार्टी का अस्तित्व खतरे में है तो उन्हें अपनी बची-खुची पार्टी को बचाने के लिए स्टैंड लेना पड़ रहा है…”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “वक्फ संशोधने विधेयक पर कहा- जो बिल सदन में आया है उसे कैबिनेट ने पास किया, संसद में प्रस्तुत हुआ। JPC में भेजा गया। वहां विस्तार से चर्चा हुई। आज फिर से सदन में उस पर चर्चा हो रही है। बिल में देश के गरीब मुसलमानों के लिए सब अच्छा है। कुछ मुट्ठी भर लोगों के कैद में जो पूरा वक्फ बोर्ड रहता था उससे बाहर निकलने का रास्ता बना है। इससे कांग्रेस, सपा, TMC बेचैन है।”