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तालिबान चाह कर भी नहीं इस्तेमाल कर सकेगा अमरीकी हथियार

[Edited By: Arshi]

Tuesday, 31st August , 2021 01:26 pm

 

अफगानिस्तान के हालातों को लेकर दुनिया भर में चिंता का माहौल है. तालिबान की हूकूमत के बाद यहां के हालात बेहद गंभीर होते चले जा रहे हैं. अमेरिकी सेना भी अफगानिस्तान की धरती को छोड़कर चली गई. अफगानिस्तान को उसके हाल पर छो़ड़ कर अमेरिका ने किनारा कर लिया. तालिबान की डेडलाइन खत्म होने से 24 घंटे पहले ही अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान को छोड़ दिया है. आपको बता दें, तालिबान ने अमेरिकी सेना से 31 अगस्त तक देश छोड़ने की डेडलाइन जारी की थी.

अमेरिकी सैनिकों ने अफगानिस्तान छोड़ने से पहले तालिबान को एक तगड़ा झटका दिया. अमेरिकी सैनिकों ने उन विमानों को किसी काम के लायक नहीं छोड़ा है जो अफगानिस्तान में तैनात किये गए थे. अमेरिकी सैनिकों ने हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात 73 विमानों को बेकार कर दिया,जो अब कभी उड़ नहीं पाएंगे.

अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने अफ़ग़ानिस्तान को छोड़ते समय काबुल एयरपोर्ट पर रह गए अपने विमानों और सैन्य गाड़ियों को बेकार कर दिया है ताकि तालिबान उनका इस्तेमाल ना कर सकें. अमेरिकी सेंट्रल कमान के प्रमुख जनरल केनेथ मैकेंज़ी ने कहा कि उनके सैनिकों ने 73 एयरक्राफ़्ट, 70 बख़्तरबंद गाड़ियों और 27 हम्वी वाहनों को निष्क्रिय कर दिया. उन्होंने कहा, ये एरक्राफ़्ट दोबारा कभी नहीं उड़ेंगे और ना ही उन्हें कोई इस्तेमाल नहीं कर सकेगा.

इसके अलावा अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान में मौजूद रॉकेट डिफेंस सिस्टम को भी नष्ट कर दिया है. अब इनका इस्तेमाल नहीं हो पाएगा, साथ ही उन गाड़ियों को भी अमेरिकी सेना ने नष्ट कर दिया है जो हथियारों से लैस थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अफगानिस्तान में जो हथियार छोड़ दिए हैं उन्हें बड़ी संख्या में ऐसे ही बेकर कर दिया है. यानी इन हथियारों तालिबान चाह कर भी किसी दूसरे देश को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है.

अमेरिकी सैनिकों के काबुल छोड़ने के बाद अमेरिकी अख़बार लॉस एंजेल्स टाइम्स के एक रिपोर्टर ने एयरपोर्ट का एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें दिखता है कि तालिबान के लोग एयरपोर्ट के हैंगर में जाकर अमेरिकी विमानों का मुआयना कर रहे हैं.

अमेरिका ने साथ ही अपने अत्याधुनिक रॉकेट डिफ़ेंस सिस्टम को भी निष्क्रिय कर दिया है जो वो काबुल एयरपोर्ट पर छोड़ आया है.इसी सी-रैम सिस्टम से अमेरिकी सेना ने सोमवार इस्लामिक स्टेट के एक रॉकेट हमले को नाकाम किया था. इससे पहले पिछले कुछ सप्ताह से ऐसी रिपोर्टें आती रही हैं कि तालिबान लड़ाके बड़ी संख्या में अमेरिका में बने सैन्य हथियारों और वाहनों के साथ देखे जा रहे हैं. इन्हें असल में अमेरिकी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान की सेना को दिया था, मगर उन्होंने बड़ी आसानी से समर्पण कर दिया जिसके बाद ये हथियार और वाहन तालिबान के हाथों में चले गए.

लॉस एंजीलिस टाइम्स के रिपोर्टर नबीह बुलोस तालिबान लड़ाकों की उस टीम का हिस्सा थे जो एयरपोर्ट के हैंगर की तलाशी ले रहा था. ऐसा मालूम दे रहा है कि वहां अमेरिकी सैनिकों ने अपने कुछ विमान छोड़ दिए हैं.नबीह बुलोस कैमरे पर कहते हैं, "हम यहां तालिबान के साथ हैं. वे कुछ मिनट पहले काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिका के नियंत्रण वाले हिस्से में दाखिल हुए हैं. अब उन्होंने यहां पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है."

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