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कानपुर –सेन्ट्रल बैंक लॉकर मामला, लॉकर इंचार्ज के रिश्तेदारों के खातों में हुआ लाखों का लेनदेन

[Edited By: Vijay]

Wednesday, 20th April , 2022 03:57 pm

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकरों से करोड़ों के गहने चोरी होने के मामले में पुलिस को लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय के रिश्तेदारों के आठ बैंक खातों का पता चला है। इन खातों में लॉकर चोरी के दिन 9 दिसंबर 2021 के बाद ही लाखों का ट्रांजेक्शन हो चुका है। कई बार में लाखों रुपये खाते से निकालने के भी साक्ष्य मिले हैं। सभी खाते सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में ही संचालित मिले, जिनमें आपस में ही कई बार ट्रांजेक्शन हुआ है।

बैंक लॉकरों से चोरी के मामले में जेल भेजे गए तत्कालीन बैंक मैनेजर रामप्रसाद, लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय, लॉकर मिस्त्री चंद्रप्रकाश व उसके दो साथियों को पुलिस ने छह दिनों की कस्टडी रिमांड पर लिया था। मंगलवार को हुई पूछताछ में पुलिस को शुभम मालवीय के रिश्तेदारों के बैंक खातों का पता चला। लॉकर तोड़ने की प्रक्रिया के बाद ही इन खातों में आपस में ही अचानक से बड़ी रकम का ट्राजेक्शन शुरू हो गया था। खातों में लाखों रुपये की निकासी भी की गई।

पुलिस को शुभम की करोड़ों की संपत्ति का भी पता चला है, जो उसने महज करीब डेढ़ साल में कमाई है। फिलहाल, पुलिस ने सभी खातों को फ्रीज करा दिया है। वहीं, पीड़ित ग्राहकों के गहनों की लिस्ट थमाने के बाद पुलिस ने माना है कि करीब 1.5 किलो वजन के सोने के गहने चोरी हुए हैं। ऐसे में अब पुलिस इतने ही वजन के गहने या उसके बराबर की नकदी बरामद करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने अभी तक महज 300 ग्राम वजन के गहने बरामद करने दावा किया है। मंगलवार को पुलिस ने सभी आरोपियों को आमने सामने बैठा कर पूछताछ की। सभी एक दूसरे की बात को गलत बताते रहे।

चोरी की रकम से की रिश्तेदारों की मदद

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि लॉकर तोड़ने की प्रक्रिया के बाद शुभम मालवीय ने अपने रिश्तेदारों को कार और दो पहिया वाहन खरीदने के लिए नकदी देकर मदद की थी। अचानक से इतना रुपया पास में आने को लेकर उसके कई परिचितों को भी यह बात अखर रही थी।

सराफा नेता को पूछताछ के लिए उठाया

पुलिस ने मंगलवार को गोविंद नगर स्थित सराफा कमेटी के नेता को चोरी के गहने खरीदने के  संबंध में पूछताछ के लिए उठाया है। पुलिस जब उनके घर दबिश देने पहुंची तो सराफा नेता नहीं मिले। इस पर पुलिस उनके बेटे को उठा लाई थी। बाद में सराफा नेता खुद पुलिस के पास पहुंच गया, तो उनके बेटे को छोड़ दिया गया। आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने सराफ को चोरी के गहने कौड़ियों के दाम बेचे थे।

जांच और बरामदगी का प्रयास जारी है। 22 अप्रैल को कस्टडी रिमांड खत्म होने से पहले ज्यादातर माल रिकवरी करने का प्रयास किया जा रहा है।

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