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क्या डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है ओमिक्रोन, क्यां है इससे बचने के उपाय ? जानें -एक्सगपर्ट व्यू

[Edited By: Vijay]

Wednesday, 1st December , 2021 03:10 pm

 हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रोन ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। कोरोना वायरस का यह नया वैरिएंट अब तक का सबसे खतरनाक वैरिएंट बताया जा रहा है। ओमिक्रोन की सबसे पहले पहचान दक्षिण अफ्रीका में हुई, लेकिन अब कोरोना वायरस का ये खतरनाक वैरिएंट यूरोप और एशिया में अपना पांव पसार चुका है। इसके बाद इस वैरिएंट से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। यह नया वैरिएंट तेजी से फैलने वाला बताया जा रहा है और परेशान करने वाली बात ये है कि ये उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जो पहले से ही संक्रमित हो चुके हैं। आइए जानते हैं कि इस मामले में डाक्‍टर पीएन अरोड़ा (मैनेजिंग डायरेक्‍टर यशोदा हास्पिटल) की क्‍या राय है।

यह नया वैरिएंट क्‍या है और यह अन्‍य से कैसे ज्‍यादा घातक है

1-यह कोरोना वायरस का नया वैरिएंट है। इसे ओमिक्रोन (B.1.1.529) नाम दिया गया है। इस वैरिएंट के कुल 50 तरह के म्‍यूटेशन है। इसमें 30 स्‍पाइक प्रोटीन है। वैरिएंट की यह खासियत उसको अधिक संक्रामक और खतरनाक बनाती है। चिंता की बात वैरिएंट के 50 म्‍यूटेशन है। विश्‍व स्‍थ्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इसे डेल्‍टा वैरिएंट से ज्‍यादा खतरनाक बताया है।

2- दरअसल, म्‍यूटेशन एक गुच्‍छे की तरह है और यह पहले फैलने वाले वैरिएंट से पूरी तरह से अलग है। इसके साथ इसमें 30 स्‍पाइक प्रोटीन हैं। वायरस के आंतरिक सरंचना में स्‍पाइक प्रोटीन ही वह हिस्‍सा होता है, जहां वैक्‍सीन असर करती है। अगर स्‍पाइक प्रोटीन अलग-अलग होगा तो इस पर वैक्‍सीन के असरदार नहीं होने की आशंका है।

3- इसे ऐसे समझिए, भारत में कहर मचाने वाले डेल्‍टा वैरिएंट के रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में दो म्‍यूटेशन थे, जबकि इस वैरिएंट में 10 तरह के म्‍यूटेशन है। यह वायरस का वह हिस्‍सा होता है, जो हमारे शरीर के सेल्‍स के संपर्क में आता है। इसलिए यह वैरिएंट ज्‍यादा संक्रामक माना जा रहा है। हालांकि अभी इस वायरस के बारे में बहुत कुछ जानकारी आना बाकी है। लेकिन इसने जिस तरह से दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के मामलों वृद्धि की है उससे इसके चरित्र को समझा जा सकता है

इस नए वैरिएंट के प्रकोप से कैसे बचा जा सकता है ?

सावधानी, सजगता और सचेत रहकर हम किसी भी खतरनाक संक्रामक बीमारी से बच सकते हैं। फिर वह चाहे डेल्‍टा वैरिएंट रहा हो या फिर ओमिक्रोन हो। तथ्‍यों की जानकारी रखकर और जरूरी सावधानी अपनाकर आप खुद को और अपने निकट के लोगों को सुरक्षित रख सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन अपने स्‍थानीय स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की ओर से दी गई सलाह को पूरी तरह से फालो करें। इसे कतई नजरअंदाज नहीं करें। जब भी हम गाइडलाइन से दूर जाएंगे संक्रमित होने का खतरा बढ़ता जाएगा।

हाई रिस्क कैटेगरी के लोगों के लिए क्‍या सलाह है ?

हाई रिस्क मरीजों जिनमें ट्रांसप्लांट वाले मरीज, ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट डिजीज, लिवर समेत गंभीर रोगों से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधान और सचेत रहने की जरूरत है। इन सभी को CAB यानी कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करना अनिवार्य है। मास्क का इस्तेमाल और दो गज की दूरी का ध्यान रखना जरूर रखना होगा। कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर के जरिए ही इससे निपटा जा सकता है। इसमें मास्क पहनना, फिजिकल डिस्टेंसिंग, पब्लिक गैदरिंग को बंद करना या सीमित करना जैसे अहम एहतियात हैं।

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