म्यांमार में कल सुबह 7.7 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के झटके म्यांमार, थाईलैंड के अलावा भारत, बांग्लादेश और चीन में महसूस किए गए। म्यांमार में शुक्रवार को आए भूकंप में मौत का आंकड़ा 10 हजार से ज्यादा हो सकता है। यह आशंका यूनाइटेड स्टेट जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने जताई है।
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों को मिलकर 1000 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अमेरिकी भूगर्भ एजेंसी ने 10 हजार से ज्यादा मौतों की आशंका जताई है। मुताबिक म्यांमार के अधिकारियों के मुताबिक विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या शुक्रवार से शनिवार सुबह तक बढ़कर 1000 हो गई है, जबकि लगभग 2300 लोग घायल हुए हैं। बता दें शुक्रवार को रात 11:56 बजे म्यांमार में फिर भूकंप के झटके लगे. स्थानीय समय के मुताबिक शुक्रवार रात 11:56 बजे म्यांमार में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि भूकंप की तीव्रता 4.2 रही. यह 10 किमी की गहराई में आया।

म्यांमार के अलावा थाईलैंड, चीन, नेपाल और भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं शनिवार रात में भी म्यांमार और अफगानिस्तान में फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह करीब 5 बजकर 16 मिनट पर अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.7 रही।
बैंकॉक के अधिकारियों ने शुक्रवार को थाईलैंड में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या अब कम कर दी है। थाईलैंड ने मरने वालों की संख्या को लेकर अपडेट रिपोर्ट दी है, जिसमें 6 लोगों की मौत की रिपोर्ट दी गई है। वहीं 22 लोगों को घायल और 101 लोगों को लापता बताया गया है। इससे पहले शुक्रवार को मरने वालों का आंकड़ा 10 था। भूकंप से हुई तबाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में एक 30 मंजिला इमारत जमींदोज हो गई, जिसमें 43 मजदूर फंसे हुए हैं. भूकंप के बाद बैंकॉक में इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है. भारत ने म्यांमार की मदद के लिए सी 130 जे विमान के जरिए लगभग 15 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी है. म्यांमार में सैन्य शासन होने के बावजूद ट्रंप ने कहा है कि यूएस मदद करेगा।

दक्षिण-पूर्व एशिया में शुक्रवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई इमारतें हिल गईं। इस दौरान एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत देखते ही देखते धराशायी हो गई। बैंकॉक में ऊंची-ऊंची छतों वाले पूलों से पानी बहकर सड़कों पर आ गया और कई इमारतों से मलबा गिरने लगा। इसके अलावा, शहर के साथ-साथ पड़ोसी म्यांमार में भी लोग दहशत में देखे गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और जर्मनी के जीएफजेड भूविज्ञान केंद्र ने बताया कि दोपहर के भूकंप का केंद्र म्यांमार में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई में था। म्यांमार में शुक्रवार को एक के बाद एक आए तीन झटकों से लोग दहशत में आ गए। ये झटके इतने तेज थे कि लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए। पहला भूकंप सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर आया, इसकी तीव्रता 7.7 मापी गई। इसके बाद दूसरा झटका दोपहर 12 बजकर दो मिनट पर आया, इसकी तीव्रता 7 मापी गई। फिर तीसरा झटका एक बजकर सात मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 4.9 मापी गई। भूकंप के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने लगे। इसमें निर्माणाधीन इमारत मलबे में तब्दील होती दिखाई गई। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। अब तक किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है। इसके अलावा, दोपहर 1:30 बजे भूकंप आने पर इमारतों में अलार्म बजने लगे और घबराए हुए लोगों को घनी आबादी वाले मध्य बैंकॉक में ऊंची इमारतों और होटलों की सीढ़ियों से नीचे उतारा गया। वे भूकंप के बाद दोपहर की तपती गर्मी और आग उगलते सूरज के बीच सड़कों पर ही रहे।

इन देशों के पेश की मदद
भूकंप से तबाह हुए मांडले शहर का दौरा म्यांमार के जुंटा प्रमुख ने शनिवार को किया. देश का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर मांडले है, जिसकी आबादी लगभग 15 लाख है. शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप का यह सबसे करीबी शहर है. इससे पहले उन्होंने पूरी दुनिया से मदद की अपील की थी. उन्होंने पहले हेलीकॉप्टर से आसपास के मांडले क्षेत्र का दौरा किया था. चीन ने कहा है कि म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप से किसी भी चीनी नागरिक की मौत नहीं हुई है. चीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इसकी पुष्टि की है. सरकारी मीडिया ने घोषणा की कि खोज और बचाव प्रयासों में मदद के लिए एक चीनी दल म्यांमार पहुँच गया है. भूकंप के झटके चीन के युन्नान और गुआंग्शी प्रांतों तक महसूस किए गए.
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने म्यांमार और थाईलैंड को मदद की पेशकश की है. उन्होंने भूकंप के बाद अपने दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसियों के प्रति संवेदना व्यक्त की है, जिसमें 150 से ज्यादा लोग मारे गए. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मैं म्यांमार और थाईलैंड में आए विनाशकारी भूकंप के लिए अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं. इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं दोनों देशों के लोगों के साथ हैं. इंडोनेशिया प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण प्रयासों के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है.’