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कानपुर की सिकंदरा सीट से बीएसपी ने चुना ब्राह्मण प्रत्याशी

[Edited By: Vijay]

Tuesday, 3rd August , 2021 04:34 pm

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बीएसपी एक तरफ यूपी में प्रबुद्ध वर्ग गोष्ठी (ब्राह्मण सम्मेलन) कर ब्राह्मण वोटरों को लुभाने का प्रयास कर रही है, वहीं अब पार्टी ने कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट से ब्राह्मण प्रत्याशी की घोषणा भी कर दी है।

बीएसपी ने कानपुर मंडल से पहले बीएसपी ने कानपुर मंडल में पहले ब्राह्मण प्रत्याशी के नाम की घोषणा की है। औरैया जिले में रहने वाले पूर्व विधायक के भाई लालजी शुक्ला को सिंकदरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। इसके साथ ही बीएसपी कानपुर देहात में ब्राह्मण सम्मेलन की तैयारी कर रही है।

बहुजन समाज पार्टी ने औरैया जिले में रहने वाले पूर्व विधायक रामजी शुक्ला के भाई लालजी शुक्ला को सिंकदरा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। रामजी शुक्ला बीएसपी की टिकट से 2007 में दिबियापुर विधानसभा सीट से चुनाव जीते थे। रामजी शुक्ला के छोटे भाई लालजी शुक्ला चैयरमैन रह चुके हैं। लालजी शुक्ला की पत्नी भी वर्तमान में चेयरमैन हैं। पूर्व विधायक रामजी और उनके छोटे भाई लालजी शुक्ला की ब्राह्मण वोटरों में जबर्दस्त पकड़ है।

पुलिस विभाग की नौकरी छोड़ राजनीति में हुये शामिल

कानपुर देहात के बीएसपी जिलाध्यक्ष आनंद कुरील के मुताबिक लालजी शुक्ला पुलिस विभाग में नौकरी में करते थे। राजनीतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने की वजह से उन्होने पुलिस विभाग की नौकरी से रिजाइन ले लिया था। काफी समय तक अपने भाई के राजनीतिक कामों को संभालते रहे। इसके बाद लालजी शुक्ला खुद चेयरमैन बन गए। उन्होने अपने भाई से राजनीति का हुनर सीखा है।

'बीएसपी करती है ब्राह्मणों का सम्मान'

एमएलसी भीमराव अम्बेडकर का कहना है कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बहनजी को मुख्यमंत्री बनाना है। यूपी का ब्राह्मण वोटर 2007 की तरह इस बार भी बीएसपी के साथ है। बीएसपी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो ब्राह्मण हित के लिए कार्य करती है। इस पार्टी में ब्राह्मणों की उपेक्षा नहीं जाती है। बहनजी ने सिकंदरा विधानसभा की कमान लालजी शुक्ला को सौंपी है।

जातीय समीकरण है सिकंदरा विधानसभा सीट पर

कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट से बीजेपी के अजीत पाल वर्तमान विधायक हैं। कानपुर देहात के जिलाध्यक्ष आनंद कुरील बताते हैं कि यदि जातीय समीकरण की बात की जाए, तो इस सीट पर 50 से 55 फीसदी ब्राह्मण वोटर हैं। इसके बाद ओबीसी, एससी और मुस्लिम वोटर हैं। उन्होंने इस सीट पर जीत का दावा किया है।

बसपा ने मिशन 2022 की तैयारी जोर शोर से शुरू कर दी है। प्रत्याशी घोषित करने के मामले में बसपा ने बाजी भी मार ली है। विधानसभा चुनावों के लिए कानपुर मंडल में पहला दांव पिछड़ी जाति के रमेश सिंह यादव पर लगाया है। उन्हें बिठूर विधानसभा सीट से पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया था।

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