वक्फ बिल का समर्थन करने के बाद के BJP सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन को धमकियां मिल रही हैं। उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी धमकाया जा रहा है।
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन को धमकी मिलने के आरोप लगे हैं। शनिवार को शाहनवाज हुसैन ने बताया कि वक्फ बिल का समर्थन करने को लेकर मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फोन पर टेक्स्ट मैसेज और वाट्सऐप मैसेज के जरिए लगातार धमकाया जा रहा है। दबाव बनाया जा रहा है कि मीडिया में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ में बयान दूं। कुछ लोगों ने फोन पर कॉल करके भी धमकाया है। उन्होंने कहा कि उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर भी लोग धमकी वाले मैसेज लिख रहे हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन कहते हैं, “कोई भी गंभीर नहीं है। राहुल गांधी संसद में सो रहे थे और प्रियंका गांधी वाड्रा संसद में नहीं आईं। जब प्रियंका गांधी वोट देने नहीं आईं, तो आप समझ सकते हैं कि कांग्रेस पार्टी कितनी गंभीर है। ये लोग मुस्लिम समुदाय को केवल अपना वोट बैंक समझते हैं। वे वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं और यह वोट बैंक की राजनीति अब बंद हो जाएगी। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, पीएम मोदी इसी रास्ते पर काम करते हैं.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर कहा, “…वक्फ विधेयक पारित हो चुका है, जेडी(यू), एलजेपी और हम पार्टी – सभी ने संसद में विधेयक का समर्थन किया। यह विधेयक गरीब मुसलमानों, अनाथों और विधवाओं के अधिकारों को सुरक्षित करेगा। जो प्रभावशाली लोग वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करके बैठे थे और उन्हें लूट रहे थे – उनकी खुली छूट खत्म हो गई है।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने धमकियों के मुद्दे पर बिहार के पुलिस महानिदेशक से मुलाकात की उन्होंने कहा, “वक्फ संशोधन अधिनियम एक बेहतरीन अधिनियम है…सोशल मीडिया पर हमें मिल रही अभद्र टिप्पणियों के संबंध में मैंने आज डीजीपी को 36 पन्नों की एक प्रति सौंपी है…हम चाहते हैं कि इस पर कार्रवाई की जाए और हमें सुरक्षा दी जाए।
कौन है शाहनवाज हुसैन जाने राजनीतिक कैरियर?
बता दें कि शाहनवाज हुसैन ना केवल बिहार बल्कि पूरे देश में बीजेपी के बड़े मुस्लिम चेहरा हैं। हुसैन का जन्म 12 दिसंबर 1968 को बिहार के सुपौल में सैयद नासिर हुसैन और नसीमा खातून के घर हुआ था। उन्होंने बीएसएसई, सुपौल और आईटीआई, पूसा, दिल्ली से इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स) में डिप्लोमा किया है। उन्होंने 12 दिसंबर 1994 को रेणु शर्मा से शादी की, जिनसे उनके दो बेटे हैं। हुसैन 1999 में किशनगंज निर्वाचन क्षेत्र से 13वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे। उन्हें तीसरे वाजपेयी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था और उन्होंने अलग-अलग समय पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, युवा मामले और खेल और मानव संसाधन विकास जैसे विभिन्न विभागों को संभाला था। उन्हें 2001 में कोयला मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया और सितंबर 2001 में उन्हें नागरिक उड्डयन पोर्टफोलियो के साथ कैबिनेट मंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया, जिससे वे भारत सरकार में अब तक के सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री बन गए। बाद में उन्होंने 2003 से 2004 तक कैबिनेट मंत्री के रूप में कपड़ा विभाग संभाला । उन्हें अक्सर ‘मूल युवा नेता’ के रूप में जाना जाता है। हालांकि वे 2004 के आम चुनाव हार गए, लेकिन नवंबर 2006 में उपचुनाव में उन्होंने बिहार में भागलपुर निर्वाचन क्षेत्र की खाली सीट जीतकर फिर से लोकसभा में प्रवेश किया । वे 2009 में भागलपुर से फिर से 15वीं लोकसभा में प्रवेश कर गए। उन्होंने 2014 में भागलपुर से फिर से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन मामूली अंतर से हार गए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्मार्ट सिटीज योजना के तहत भागलपुर का नाम शामिल करवाने में मदद की। उनके प्रयासों के कारण, डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस को नौगछिया रेलवे स्टेशन पर ठहराव मिला ।